जब फिल्म खत्म होती है, तो दिल में एक अजीब सी बेचैनी और दिमाग में कई सवाल रह जाते हैं। क्या प्यार वाकई इतना गहरा हो सकता है, या हम बस जुनून को मोहब्बत का नाम दे देते हैं? Tere Ishk Mein Netflix weekend watch के तौर पर क्या यह आपके परिवार के साथ देखने लायक है, या फिर यह सिर्फ अकेले में महसूस करने वाली एक तड़प है, चलिए गहराई से समझते हैं।
एक अलग मिज़ाज की कहानी
आनंद एल. राय की फिल्में अक्सर हमें बनारस की गलियों और वहां के जज्बातों में ले जाती हैं, लेकिन इस बार का सफर थोड़ा ज्यादा भारी और गहरा है। यह कोई हल्की-फुल्की रॉम-कॉम नहीं है जिसे आप पॉपकॉर्न खाते हुए मजे में देख सकें। इसमें इमोशन्स का एक तूफ़ान है, जो कभी आपको सुकून देगा तो कभी पूरी तरह से झकझोर देगा। अगर आप ऐसी कहानियों के शौकीन हैं जो रूह तक उतर जाएं, तो ही यह आपके लिए है।
प्रमुख जानकारी (Basic Details)
- OTT प्लेटफॉर्म: Netflix
- भाषा: हिंदी (Spoken Hinglish mix)
- जॉनर: रोमांटिक ड्रामा / इमोशनल थ्रिलर
- समय: लगभग 2 घंटे 49 मिनट
- सर्टिफिकेशन: UA 16+ (मैच्योर कंटेंट)
कहानी की एक झलक
‘तेरे इश्क में’ की कहानी शंकर (धनुष) के इर्द-गिर्द घूमती है, जो एक एयरफोर्स पायलट है लेकिन उसके अंदर एक अनकही हिंसा और गुस्सा भरा है। फिर उसकी जिंदगी में आती है मुक्ति (कृति सेनन), जो एक साइकोलॉजी रिसर्चर है। मुक्ति, शंकर को अपने एक एक्सपेरिमेंट का हिस्सा बनाती है—यह देखने के लिए कि क्या प्यार वाकई किसी के गुस्से को शांत कर सकता है?
लेकिन जहां से यह एक्सपेरिमेंट खत्म होता है, वहां से शुरू होती है एक ऐसी दास्तान जो सालों तक चलती है। यह फिल्म सिर्फ प्यार की नहीं, बल्कि उस ‘पछतावे’ और ‘अधूरेपन’ की है जो सालों बाद भी इंसान का पीछा नहीं छोड़ता।
कलाकारों का जादू
धनुष (Shankar): धनुष ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि खामोश रहकर भी चीखना किसे कहते हैं। उनकी आंखों में वो दर्द और पागलपन साफ दिखता है जो एक तरफा जुनून और वतन के लिए फर्ज के बीच फंसा हुआ है। जब वो स्क्रीन पर होते हैं, तो आप अपनी पलकें नहीं झपका पाएंगे।
कृति सेनन (Mukti): कृति ने इस किरदार को बहुत ही संजीदगी से निभाया है। एक ऐसी औरत जो खुद मानसिक द्वंद से गुजर रही है और फिर भी दूसरों को ठीक करने की कोशिश करती है। शंकर के साथ उनकी केमिस्ट्री जितनी खूबसूरत है, उतनी ही दर्दनाक भी।
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निर्देशन और लेखन
आनंद एल. राय और लेखक हिमांशु शर्मा की जोड़ी हमेशा कुछ अलग लाती है। फिल्म का पहला हिस्सा काफी ग्रिपिंग है और आपको कहानी से बांध कर रखता है। हालांकि, इंटरवल के बाद फिल्म थोड़ी खिंची हुई लगती है। कुछ सीन्स में लॉजिक को भावनाओं के नीचे दबा दिया गया है, जो शायद कुछ दर्शकों को अखर सकता है। लेकिन जिस तरह से बनारस और फिर एयरफोर्स के बैकड्रॉप को जोड़ा गया है, वो काबिले तारीफ है।
म्यूजिक और सिनेमाटोग्राफी
AR रहमान का संगीत इस फिल्म की जान है। गाने सिर्फ सुनने के लिए नहीं, बल्कि कहानी को आगे बढ़ाने के लिए इस्तेमाल हुए हैं। सिनेमाटोग्राफी में बनारस के रंगों और एयरफोर्स की विशालता को बहुत ही खूबसूरती से कैद किया गया है।
क्या अच्छा है / क्या कमी है
- प्लस पॉइंट: धनुष की शानदार एक्टिंग और ए.आर. रहमान का रूहानी संगीत।
- माइनस पॉइंट: फिल्म की लंबाई थोड़ी कम हो सकती थी। कुछ जगहों पर कहानी हद से ज्यादा मेलोड्रैमेटिक हो जाती है।
किसे देखनी चाहिए और किसे नहीं?
- अगर आप ‘रांझणा’ जैसी इंटेंस लव स्टोरीज के फैन हैं, तो Tere Ishk Mein Netflix weekend watch आपके लिए परफेक्ट है।
- जो लोग धीमे पेस (slow-burn) और इमोशनल ड्रामा पसंद करते हैं, उन्हें यह फिल्म पसंद आएगी।
- किसे स्किप करना चाहिए? अगर आप सिर्फ एक्शन या कॉमेडी ढूंढ रहे हैं, तो यह आपके लिए नहीं है।
- फैमिली वॉच: इसमें कुछ इंटेंस और डार्क सीन्स हैं, इसलिए इसे छोटे बच्चों के साथ देखना सही नहीं होगा। यह एक मैच्योर ऑडियंस के लिए बनी फिल्म है।
हमारा फैसला (Final Verdict)
‘तेरे इश्क में’ कोई ऐसी फिल्म नहीं है जिसे देखकर आप मुस्कुराते हुए उठें। यह आपको रुलाएगी, गुस्सा दिलाएगी और शायद थोड़ा परेशान भी करेगी। यह प्यार के उस अंधेरे पक्ष को दिखाती है जहां समर्पण और सनक के बीच की लकीर धुंधली पड़ जाती है।
अगर आप इस वीकेंड कुछ ऐसा देखना चाहते हैं जो आपके दिल पर बोझ छोड़ जाए, तो Tere Ishk Mein Netflix weekend watch को अपनी लिस्ट में जरूर जोड़ें। फिल्म परफेक्ट नहीं है, लेकिन इसमें जो ‘जज्बा’ है, वो आज के दौर की बनावटी फिल्मों में कम ही मिलता है। हमारी तरफ से इसे इसकी बेहतरीन परफॉरमेंस के लिए एक बार देखना तो बनता है।
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